महंगाई के दबाव के बावजूद ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मजबूती से बनी हुई है।
महंगाई के दबाव के बावजूद ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है
अगस्त में ब्रिटेन के कारोबारों में अच्छी वृद्धि देखने को मिली। कंपोजिट बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स बढ़कर 52.5 अंक पर पहुंच गया, जो विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर है। 50 अंक से ऊपर का स्तर वास्तविक आर्थिक विस्तार का संकेत देता है।
इस वृद्धि का मुख्य कारण सेवा क्षेत्र रहा। बैंकों, परिवहन कंपनियों और हॉस्पिटैलिटी उद्योग में घरेलू मांग मजबूत रही। इससे उन फैक्ट्रियों की चुनौतियों का असर कम हुआ, जो ऊंची कमोडिटी लागत और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही हैं।
बार्कलेज बैंक ने स्थिर कॉरपोरेट उपकरण और सॉफ्टवेयर खरीद के आधार पर अनुमान लगाया है कि ब्रिटेन की GDP में तिमाही आधार पर 0.2% की वृद्धि हो सकती है।
बिजली की कीमतों के कारण महंगाई बढ़ीउपभोक्ता क्षेत्र अभी भी स्थिर बना हुआ है, हालांकि परिवारों को बढ़े हुए खर्च का सामना करना पड़ रहा है। जुलाई में वार्षिक CPI बढ़कर 2.9% हो गया। इसका मुख्य कारण गैस और बिजली पर सरकारी टैरिफ में नियोजित बढ़ोतरी रही।
वहीं, खाद्य पदार्थों और कपड़ों की मूल कीमतों में अपेक्षाकृत कम बदलाव हुआ। श्रम बाजार भी स्थिर बना हुआ है। बेरोजगारी दर 4.9% पर स्थिर रही, जबकि निजी कंपनियों में वार्षिक वेतन वृद्धि घटकर 2.8% हो गई। वेतन वृद्धि में यह कमी महंगाई के आगे और बढ़ने के जोखिम को कम करती है।
गर्मियों के दौरान खुदरा विक्रेताओं की कुल बिक्री में वृद्धि जारी रही, हालांकि जून की शुरुआत में हुई बिक्री के बाद कुछ गिरावट देखने को मिली।
बजट अनुमान से अधिक सरकारी कर्जब्रिटेन सरकार बजट में अनुमानित राशि से अधिक कर्ज ले रही है। जुलाई तक सरकार का शुद्ध उधार £57 अरब तक पहुंच गया, जो Office for Budget Responsibility (OBR) के अनुमान से £2 अरब अधिक है।
वित्तीय वर्ष के अंत तक कुल सरकारी उधारी लगभग £120 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है। अधिक खर्च का संबंध पुराने कर्ज की सर्विसिंग यानी ब्याज एवं भुगतान की बढ़ती लागत और विभिन्न सरकारी बजट कार्यक्रमों से है।
इसके बावजूद, कारोबारों का मजबूत प्रदर्शन ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को संतुलित बनाए रखने और मंदी (Recession) से बचने में मदद कर रहा है।