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शुक्रवार को GBP/USD करेंसी पेयर में 54 पिप्स की वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) दर्ज की गई, जो ब्रिटिश पाउंड के लिए हाल के समय का सबसे कम स्तर था। दिन के दौरान पाउंड स्टर्लिंग में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन इस मूवमेंट का समग्र तकनीकी तस्वीर पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
पिछले कुछ सप्ताहों में ब्रिटिश पाउंड ने अच्छी मजबूती दिखाई थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसमें सुधारात्मक गिरावट (Correction) आ रही है, जो तकनीकी दृष्टि से स्वाभाविक और अपेक्षित थी। शुक्रवार को ब्रिटेन से कोई महत्वपूर्ण आर्थिक घटना या रिपोर्ट जारी नहीं हुई, जबकि अमेरिका से कई आर्थिक आंकड़े प्रकाशित हुए, लेकिन बाजार ने उन पर कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी। अधिकांश मैक्रोइकोनॉमिक रिपोर्टों को बाजार लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
हमारे अनुसार, यह सुधार (Correction) पूरा होने के बाद GBP/USD में फिर से तेजी शुरू हो सकती है, क्योंकि उच्च टाइमफ्रेम पर अभी भी दीर्घकालिक साइडवेज़ (Long-term Flat) संरचना बनी हुई है। ऐसे में कीमत इस रेंज की निचली सीमा से ऊपरी सीमा की ओर बढ़ना जारी रख सकती है। यह पूरी तरह तकनीकी (Technical) मूवमेंट होगा।
तकनीकी दृष्टि से, ब्रिटिश पाउंड अभी भी अपट्रेंड (Uptrend) में बना हुआ है। हालांकि, कीमत 1.3465–1.3480 के क्षेत्र और किजुन-सेन (Kijun-sen) लाइन के नीचे चली गई, जिससे बुल्स (खरीदारों) की स्थिति कुछ कमजोर हुई है।
अब संभावना है कि पाउंड 1.3369–1.3377 के क्षेत्र तथा सेन्को स्पैन B (Senkou Span B) लाइन की ओर और नीचे आ सकता है। दूसरी ओर, यदि कीमत 1.3465–1.3480 के क्षेत्र के ऊपर मजबूती से टिक जाती है (Consolidation), तो पिछले कुछ सप्ताहों से जारी तेजी का रुझान (Uptrend) फिर से शुरू हो सकता है।
5-मिनट के चार्ट पर शुक्रवार को औपचारिक रूप से Sell (बिकवाली) का एक सिग्नल बना था। यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान कीमत 1.3465–1.3480 के क्षेत्र से नीचे मुड़ी और उसके बाद क्रिटिकल लाइन (Kijun-sen) के नीचे भी बंद हुई। हालांकि, दिन के बाकी हिस्से में कीमत गिरावट को आगे नहीं बढ़ा सकी और अंततः वापस अपने शुरुआती स्तरों के आसपास लौट आई।
ब्रिटिश पाउंड के लिए COT (Commitment of Traders) रिपोर्ट दर्शाती है कि पिछले कई महीनों से गैर-व्यावसायिक (Non-Commercial) ट्रेडर्स के बीच Sell (बिकवाली) पोजीशन का दबदबा बना हुआ है। इसलिए, दीर्घकालिक अपट्रेंड (Uptrend) बने रहने के बावजूद नेट पोजीशन (Net Position) अभी भी नकारात्मक (Negative) है।
मध्य पूर्व में चल रही घटनाओं को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि जोखिम वाली मुद्राओं (Risk Currencies) की मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त हो चुका है, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है। ऐसे में भू-राजनीतिक परिस्थितियां (Geopolitics) निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर की मांग को समर्थन दे सकती हैं। हालांकि, जब तक कीमत ट्रेंड लाइन के नीचे मजबूती से बंद (Consolidate) नहीं होती, तब तक इस करेंसी पेयर में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखें तो डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना रह सकता है, जो साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर भी स्पष्ट दिखाई देता है। ट्रेड वॉर (व्यापार युद्ध) किसी न किसी रूप में लंबे समय तक जारी रह सकता है, और ट्रंप की नीतियां प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी मुद्रा को कमजोर करने की दिशा में मानी जा रही हैं।
दीर्घकालिक अपट्रेंड अभी भी बरकरार है, जिसकी पुष्टि ट्रेंड लाइन से होती है। हाल ही में कीमत ने इस ट्रेंड लाइन का पुनः परीक्षण (Retest) किया और वहां से फिर ऊपर की ओर उछल गई।
14 जुलाई तक की नवीनतम COT रिपोर्ट के अनुसार, Non-Commercial श्रेणी के ट्रेडर्स ने:
इसके परिणामस्वरूप, गैर-व्यावसायिक ट्रेडर्स की नेट पोजीशन में सप्ताह के दौरान 16,600 कॉन्ट्रैक्ट की वृद्धि हुई। हालांकि, यह बदलाव अभी भी पेशेवर निवेशकों की समग्र बाजार धारणा (Overall Market Sentiment) में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं दर्शाता।
1-घंटे (1H) के टाइमफ्रेम पर GBP/USD करेंसी पेयर पिछले तीन सप्ताह की तेजी के बाद अभी भी सुधारात्मक गिरावट (Correction) के दौर से गुजर रहा है। बाजार फिलहाल भी भू-राजनीतिक घटनाओं (Geopolitics) को काफी हद तक नजरअंदाज कर रहा है। हाल के सप्ताहों में जो तेजी देखने को मिली, वह मुख्य रूप से अमेरिका की कमजोर महंगाई (Inflation) के आंकड़ों से समर्थित एक तकनीकी उछाल (Technical Rally) थी।
यदि आने वाले दिनों में ब्रिटिश पाउंड और मजबूत होता है, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए, क्योंकि दैनिक (Daily) चार्ट पर यह अभी भी अपनी दीर्घकालिक रेंज की ऊपरी सीमा, जो 1.3720–1.3800 के बीच स्थित है, की ओर बढ़ रहा है।
आज निम्नलिखित प्रमुख स्तरों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
इसके अलावा, इचिमोकू (Ichimoku) इंडिकेटर की Senkou Span B (1.3334) और Kijun-sen (1.3450) लाइनें भी महत्वपूर्ण ट्रेडिंग सिग्नल प्रदान कर सकती हैं।
यदि ट्रेड आपकी अपेक्षित दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Break Even) पर ले जाने की सलाह दी जाती है।
ध्यान रखें कि इचिमोकू इंडिकेटर की लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल निर्धारित करते समय इसे ध्यान में रखना आवश्यक है।
सोमवार को ब्रिटेन और अमेरिका दोनों में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट या प्रमुख कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। इसलिए बाजार में शुक्रवार जैसी सुस्ती सोमवार को भी जारी रहने की संभावना है।
हालांकि, यूरो की तुलना में ब्रिटिश पाउंड पिछले कुछ सप्ताहों से स्थिर नहीं रहा है। इसलिए यदि आज बाजार में कोई उल्लेखनीय मूवमेंट देखने को मिलता है, तो उसकी संभावना पाउंड में अधिक है।